Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 735
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1पुनि कहा रानी जू गोविंद राधे।
2या गाम कैसे हो रहनो बता दे॥ 8523॥
3लाड़ करि करि तूने गोविंद राधे।
4निज लाड़ले को बिगार्यो बता दे॥ 8524॥
5नवनि चुरा के खाय गोविंद राधे।
6बचो खुचो सखन खिलावे बता दे॥ 8525॥
7खाय सो खाय किन्तु गोविंद राधे।
8माखन मटुकिहुँ फोरे बता दे॥ 8526॥
9इतने में पद्मा बोली गोविंद राधे।
10हम या ब्रज तजि जायेँगी बता दे॥ 8527॥
11लाल की कुचाल अब गोविंद राधे।
12नाहिं सही जाती है मैया बता दे॥ 8528॥
13कबहुँ बिरावत गोविंद राधे।
14कबहुँ उतारत चुनरी बता दे॥ 8529॥
15सखिन की बात कूँ गोविंद राधे।
16लाल जू खड़े सुन रहे थे बता दे॥ 8530॥
17मैया यशोदा ने गोविंद राधे।
18लाल की ओर मुख फेरा बता दे॥ 8531॥
19लाला ने कहा मैया गोविंद राधे।
20याकी तू बात मत माने बता दे॥ 8532॥
21वा दिन याने ही गोविंद राधे।
22मेरी मुक्तमाल दुबका ली बता दे॥ 8533॥
23जैसे तैसे पाँय परि गोविंद राधे।
24हा हा खाय माला छुड़ाई बता दे॥ 8534॥