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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 731

Reading 229 of 452 · Source nos. 8475–8486 · Source PDF 234

1देखो यशोदा मैया गोविंद राधे।

2आजु रँगे हाथ पकरा बता दे॥ 8475॥

3मैया के साथ एक गोविंद राधे।

4गोपी भी आई थी बाहर बता दे॥ 8476॥

5गोपी ने देखा सखी गोविंद राधे।

6पकरे है हाथ निज पति का बता दे॥ 8477॥

7गोपी ने कहा काहे गोविंद राधे।

8पति को पकरि के लाई बता दे॥ 8478॥

9घूँघट पट थोड़ा गोविंद राधे।

10ऊँचा हटाया देखा पति को बता दे॥ 8479॥

11बोली रँगीली तब गोविंद राधे।

12तुम यहाँ कहाँ आ टपके बता दे॥ 8480॥

13इतने में उषा आदि गोविंद राधे।

14सखियाँ भी आईं पास बता दे॥ 8481॥

15सबरी ही सखियाँ गोविंद राधे।

16हँसि हँसि भईं लोट पोट बता दे॥ 8482॥

17लाला ने कहा मैया गोविंद राधे।

18देखा इन करतूत बता दे॥ 8483॥

19अब तो मैया तोहिं गोविंद राधे।

20है गयो होगो विश्वास बता दे॥ 8484॥

21अब जब आवे सखी गोविंद राधे।

22मारि केभगा दीजो घर ते बता दे॥ 8485॥

23हौं तो हौं छोटो सो गोविंद राधे।

24ये सब हट्टी कट्टी धींगरी बता दे॥ 8486॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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