Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 728
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1भाँति भाँति के मोते गोविंद राधे।
2काम करवावें सब मैया बता दे॥ 8439॥
3यदि मैं ना करुँ तो गोविंद राधे।
4धमकी दें मैया तेरी बता दे॥ 8440॥
5कर जोरें हा हा खायें गोविंद राधे।
6कहें टुक माखन खाओ बता दे॥ 8441॥
7पुनि सुनु मैया तेरी गोविंद राधे।
8सौंह खवावें कालि अइयो बता दे॥ 8442॥
9सौंह उतारिवे को गोविंद राधे।
10पुनि इनके घर जावूँ बता दे॥ 8443॥
11कोउ मारे गुलचा गोविंद राधे।
12कोउ छोरे मुरली कर ते बता दे॥ 8444॥
13कोउ छोरे पीतपट गोविंद राधे।
14कोउ छोरे नूपुर पग के बता दे॥ 8445॥
15कोउ छोरे मोरपंख गोविंद राधे।
16कोउ छोरे गल बनमाल बता दे॥ 8446॥
17कहँ लौं कहूँ मैया गोविंद राधे।
18ये हैं झूठ अवतार बता दे॥ 8447॥
19मैया ने डाटि कही गोविंद राधे।
20सुनि रही हो ओरी सखियों बता दे॥ 8448॥
21का क हि रह्यो है लाला गोविंद राधे।
22तुम सब के ही मुख पै बता दे॥ 8449॥
23अब तो न मानूँ कभू गोविंद राधे।
24तुम सब की कोउ बात बता दे॥ 8450॥