Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 727
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1काहे को लाला को गोविंद राधे।
2झूठहिं चोर बताओ बता दे॥ 8427॥
3दूध दही नवनि गोविंद राधे।
4कौन की कमी है मेरे घर में बता दे॥ 8428॥
5साँच कहे ब्रज नारी गोविंद राधे।
6बिनु एक ही के करे सात बता दे॥ 8429॥
7तुम हो भोरी मैया गोविंद राधे।
8उलटे लगाओ दोष हमनकूँ बता दे॥ 8430॥
9यह तो भई उलटा गोविंद राधे।
10चोर कोतवाल को डाटे बता दे॥ 8431॥
11कछु दिन बाद लाला गोविंद राधे।
12दस्यु सरदार बन जायेगा बता दे॥ 8432॥
13तब पछतावोगी गोविंद राधे।
14हम सब को याद करोगी बता दे॥ 8433॥
15मैया ने लाला को गोविंद राधे।
16क्रोध में घूर के देखा बता दे॥ 8434॥
17लाला ने कहा मैया गोविंद राधे।
18इनसों न झूठी जग में बता दे॥ 8435॥
19डगर में ये सब गोविंद राधे।
20धींगरी पकरि लै जायें बता दे॥ 8436॥
21कोउ कहे लाल मेरो गोविंद राधे।
22गोबर का टोकरा नेकु उठवा दे॥ 8437॥
23कोउ कहे लाल मेरो गोविंद राधे।
24जल भरो घट उठवा दे बता दे॥ 8438॥