Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 725
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1भरपेट खाया गोविंद राधे।
2सबरे सखन को खिलाया बता दे॥ 8403॥
3माखन खाके लाला गोविंद राधे।
4आँगन पटकी मटुकी बता दे॥ 8404॥
5सखी को चेत हुआ गोविंद राधे।
6देखी लँगर करतूत बता दे॥ 8405॥
7सखी के उठते ही गोविंद राधे।
8श्याम भाजे संग सखन बता दे॥ 8406॥
9सखी भाजी पाछे पाछे गोविंद राधे।
10पकरन को हारि लौटी बता दे॥ 8407॥
11सोचे रँगीली मन गोविंद राधे।
12करूँ तो करूँ मैं कहा कोऊ बता दे॥ 8408॥
13अच्छा यही होगा गोविंद राधे।
14चल के बता दूँ मैया को बता दे॥ 8409॥
15सुनु मैया गुन लाला गोविंद राधे।
16आजु सखन लै आयो बता दे॥ 8410॥
17कछु खायो कछु गोविंद राधे।
18माखन सखन खिलायो बता दे॥ 8411॥
19बचा खुचा माखन गोविंद राधे।
20आँगन में ढुरकायो बता दे॥ 8412॥
21मैंने जब देखी तो गोविंद राधे।
22मटुकिहुँ फोरि गयो भाजि बता दे॥ 8413॥
23चलु मैया मेरे घर गोविंद राधे।
24लाला के गुन दिखरावूँ बता दे॥ 8414॥