Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 716
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1देख तो लेने दे गोविंद राधे।
2जी भर के तेरा रूप बता दे॥ 8295॥
3मंजु ने कहा लाल गोविंद राधे।
4दूर ते बात करो मोते बता दे॥ 8296॥
5ना छुवो गागरी गोविंद राधे।
6ना छुवो नागरी घूँघट बता दे॥ 8297॥
7अति अचकरी करो गोविंद राधे।
8सबरी सखिन ते काहे बता दे॥ 8298॥
9अभी हाल जाके कहूँ गोविंद राधे।
10मैया ते साँटी खावोगे बता दे॥ 8299॥
11लाल बोले तो सी तो गोविंद राधे।
12सुन्दरी न कोउ या ब्रज में बता दे॥ 8300॥
13मतवाली चाल तेरी गोविंद राधे।
14अधरन पै बिम्ब फल लाली बता दे॥ 8301॥
15एक बार मोकूँ भी गोविंद राधे।
16प्यार ते देख ले प्यारी बता दे॥ 8302॥
17ऐसा कहि लाल ने गोविंद राधे।
18चुनरि झटकि पटकी मटुकि बता दे॥ 8303॥
19इतने में खोजते गोविंद राधे।
20आ गये बलराम भैया बता दे॥ 8304॥
21लखतहिं बलराम गोविंद राधे।
22श्याम बनि सूधो गयो साथ बता दे॥ 8305॥
23मंजु भी भाजि चली गोविंद राधे।
24अपने भवन दौरि दौरि के बता दे॥ 8306॥