Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 707
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1कृष्ण ते अभिन्न गोपी गोविंद राधे।
2ब्रह्मा की सृष्टि में नहीं थीं बता दे॥ 8187॥
3नित्य सिद्धा गोपियाँ हैं गोविंद राधे।
4ललिता विशाखादि सखियाँ बता दे॥ 8188॥
5साधनसिद्धा गोपी गोविंद राधे।
6दण्डकवनमुनि आदि हैं बता दे॥ 8189॥
7भीम वैकुण्ठ की कछु गोविंद राधे।
8मिथिला की थीं कछु कन्या बता दे॥ 8190॥
9जनकपुर की थीं कछु गोविंद राधे।
10कछु श्रुति कछु अग्नि सुत थीं बता दे॥ 8191॥
11गोपियों में भेद दो हैं गोविंद राधे।
12इक ब्याही इक अनब्याही बता दे॥ 8192॥
13ब्रज देवियों का तो गोविंद राधे।
14निज पतियों का संग हुआ ना बता दे॥ 8193॥
15वेद की ऋचायें कछु गोविंद राधे।
16अन्यपूर्विका ही थीं ब्रज में बता दे॥ 8194॥
17वेद की ऋचायें कछु गोविंद राधे।
18बनि के अनन्य ब्रज आयीं बता दे॥ 8195॥
19अन्यपरा श्रुति दो गोविंद राधे।
20सखी भाव अरु कान्तभाव बता दे॥ 8196॥
21सखीभाव निष्काम गोविंद राधे।
22कान्तभाव तो है सकाम बता दे॥ 8197॥
23अनन्यपरा श्रुति गोविंद राधे।
24भेद दो हैं मानिनी मुग्धा बता दे॥ 8198॥