Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 696
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1कान्ह को जगा दो कहो गोविंद राधे।
2ग्वाल जा रहे हैं गो चराने बता दे॥ 8060॥
3कान्ह को जगा दे मैया गोविंद राधे।
4जागे न जगाये जो तो राधे राधे गा दे॥ 8061॥
5रात भर सपने में गोविंद राधे।
6राधे राधे गाया जनि कान्ह को जगा दे॥ 8062॥
7सपने में कान्ह कहे गोविंद राधे।
8राधे कित राधे कित कोई बता दे॥ 8063॥
9राधे आई राधे आई गोविंद राधे।
10ऐसा बोलि मैया कान्ह को जगा दे॥ 8064॥
11भोर भई जागे नहिं गोविंद राधे।
12कालि कान्ह देर ते सोये थे बता दे॥ 8065॥
13कान्ह को जगाओ जनि गोविंद राधे।
14भूख लगेगी आपु उठेंगे बता दे॥ 8066॥
15जागो मेरे प्राण कान्ह गोविंद राधे।
16राधे राधे शोर चहुँ ओर सुना दे॥ 8067॥
17भोेर भइ लाला तोहिं गोविंद राधे।
18शोर करि मोर चकोर बुला दे॥ 8068॥
19उठु कान्ह तुझ बिन गोविंद राधे।
20गैयन बछरन दूध ना पिला दे॥ 8069॥
21जागु जागु जागु कान्ह गोविंद राधे।
22बछरा न दूध पिये गाय दूध ना दे॥ 8070॥
23ऊँ ऊँ करे उठे नहिं गोविंद राधे।
24तानि पीत अम्बर मुँह भी छिपा दे॥ 8071॥