Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 694
Reading 192 of 452 · Source nos. 8036–8047 · Source PDF 197
1भोर भइ शोर सुनु गोविंद राधे।
2मोर “श्याम श्याम” कह, श्याम को जगा दे॥ 8036॥
3भोर ह्वै गयी मैया गोविंद राधे।
4टेरि बुलावे गैया कान्ह को जगा दे॥ 8037॥
5बछरा न दूध पिये गोविंद राधे।
6गाय न पन्हाय रँभाय बुला दे॥ 8038॥
7ग्वाल मंडली आई गोविंद राधे।
8चकई सुहाग पाई कान्ह को जगा दे॥ 8039॥
9दरस को गोपी आई गोविंद राधे।
10धीरे ते हिला केमाई कान्ह को जगा दे॥ 8040॥
11सारी रात बीत गई गोविंद राधे।
12भूख लगी होगी माई कान्ह को जगा दे॥ 8041॥
13दाऊ के भैया को गोविंद राधे।
14कृष्ण कन्हैया को मैया जगा दे॥ 8042॥
15रास रचैया को गोविंद राधे।
16नाग नथैया को मैया जगा दे॥ 8043॥
17चीर हरैया को गोविंद राधे।
18आपुन छैया को मैया जगा दे॥ 8044॥
19गाय चरैया को गोविंद राधे।
20नवनि चुरैया को मैया जगा दे॥ 8045॥
21गिरि के उठैया को गोविंद राधे।
22सखन जितैया को मैया जगा दे॥ 8046॥
23गीता सुनैया को गोविंद राधे।
24कुबरी के सैंया को मैया जगा दे॥ 8047॥