Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 690
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1मैया ते कन्हैया कह गोविंद राधे।
2भैया मोहिं कारो कारो कहि केचिढ़ा दे॥ 7988॥
3मैया ते कन्हैया कह गोविंद राधे।
4मो को अभी कारे ते गोरो बना दे॥ 7989॥
5कारो कन्हैया ने गोविंद राधे।
6कहा सुनु मोरी मैया बता दे॥ 7990॥
7तेरी गोद अइहौं तब गोविंद राधे।
8जब मैया गोरी गोरी दुलहिनि ला दे॥ 7991॥
9मैया मोहिं गोरी गोरी गोविंद राधे।
10भैया को कारी कारी दुलहिनि ला दे॥ 7992॥
11धन्य धन्य ब्रज गोप गोविंद राधे।
12ब्रह्म श्याम को भी घोड़ा बना दें॥ 7993॥
13गोप बना के सखा गोविंद राधे।
14खेल में हरा के निज घोड़ा बना दें॥ 7994॥
15धनि धनसुख सखा गोविंद राधे।
16जाके रूठने पै श्याम आँसू बहा दे॥ 7995॥
17ब्रह्मादि जाकी खायें गोविंद राधे।
18जूठन, वाय सखा जूठन खिला दें॥ 7996॥
19ब्रह्मादि जासों हारे गोविंद राधे।
20खेल में हरा के वाको गोप रु ला दें॥ 7997॥
21धन्य धन्य गोप वृन्द गोविंद राधे।
22खेल में हरा हरा के कान्ह को रुला दें॥ 7998॥
23सखा कृष्ण नाहिं कहें गोविंद राधे।
24कभु कहें कान्हा, कभू कनुआ बुला दें॥ 7999॥