Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 689
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1बोले कन्हैया मैया गोविंद राधे।
2आजु तो अति सुख पायो बता दे॥ 7976॥
3गैया बहोरने गोविंद राधे।
4जानो नाँय परो मैया बता दे॥ 7977॥
5मुरली बजायो मैंने गोविंद राधे।
6सुनि भाजि आईं गैयाँ बता दे॥ 7978॥
7हौं तो सखन संग गोविंद राधे।
8भाँति भाँति के खेल खेल्यो बता दे॥ 7979॥
9सखन कह्यो मैया गोविंद राधे।
10रोज रोज अइयो कन्हैया बता दे॥ 7980॥
11पूछि ले भैया ते गोविंद राधे।
12मेरी न माने जो मैया बता दे॥ 7981॥
13इतने में कान्ह को गोविंद राधे।
14आने लगी गोद नींद बता दे॥ 7982॥
15मैया ने चिपटाया गोविंद राधे।
16पीठ थपथपाया गाया बता दे॥ 7983॥
17पुनि क्या था कान्ह को गोविंद राधे।
18मैया ने सुलाया पलँग पै बता दे॥ 7984॥
19मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
20कहे मैया मोते भ्ौया गैया हँकवा दे॥ 7985॥
21भैया कह सुनु मैया गोविंद राधे।
22माखन मिश्री सब सखन खिला दे॥ 7986॥
23मैया मथे दधि कान्ह गोविंद राधे।
24कहे मैया भैया बार बार धमका दे॥ 7987॥