Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 688
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1भैया ने कहा कन्हैया गोविंद राधे।
2अब चलो घर भई साँझ बता दे॥ 7964॥
3मुरली बजाते गाते गोविंद राधे।
4मनभाते संग सखन बता दे॥ 7965॥
5लौटे कन्हैया घर गोविन्द राधे।
6मैया खड़ी थी द्वार पै बता दे॥ 7966॥
7द्वार पै आते ही गोविंद राधे।
8मैया ने गोद में ले लिया बता दे॥ 7967॥
9बार बार चिपटाया गोविंद राधे।
10दुलराया चूमा प्यार ते बता दे॥ 7968॥
11भोजन कराया पुनि गोविंद राधे।
12पूछी चर्या कन्हैया की बता दे॥ 7969॥
13मैया ने कहा लाला गोविंद राधे।
14थक तो गयो होगो आजु बता दे॥ 7970॥
15सखा तो रहे होंगे गोविंद राधे।
16तेरे ही साथ साथ वन में बता दे॥ 7971॥
17डरा तो नहीं कहीं गोविंद राधे।
18देख मेरी बात गाँठ बाँधि ले बता दे॥ 7972॥
19वन में जब लागे डर गोविंद राधे।
20नारायण को तू बुला ले बता दे॥ 7973॥
21गैया चराइवे को गोविंद राधे।
22रोज रोज जनि जाया करे तू बता दे॥ 7974॥
23मोकूँ तो नेकहूँ गोविंद राधे।
24चैन ना परे बिनु देखे बता दे॥ 7975॥