Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 686
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1गैयान बीच जनि गोविंद राधे।
2जइयो गैया लात मारे बता दे॥ 7940॥
3साँझ को सिदोसो ही गोविंद राधे।
4गैयान को लै घर अइयो बता दे॥ 7941॥
5दाऊ को दऊँ हूँ गोविंद राधे।
6भाँति भाँति के ही व्यंजन बता दे॥ 7942॥
7उनके ही संग तू गोविंद राधे।
8मन भाया व्यंजन खइयो बता दे॥ 7943॥
9नाचने लगे कन्हैया गोविंद राधे।
10मेरी सी मैया कोउ मैया ना बता दे॥ 7944॥
11एक काँधे पै तो गोविंद राधे।
12धरि ली कन्हैया ने कामरी बता दे॥ 7945॥
13दूजे काँधे पै गोविंद राधे।
14छोटी सी धरि ली लठिया बता दे॥ 7946॥
15छोटी सी मुरली को गोविंद राधे।
16कान्ह ने खोंस ली फेंट में बता दे॥ 7947॥
17सिर पै मोर पंख गोविंद राधे।
18कमर में पतरी करधनी बता दे॥ 7948॥
19गल में वनमाल गोविंद राधे।
20पग में नूपुर कनक बता दे॥ 7949॥
21कटि पीताम्बर गोविंद राधे।
22कछनी भी कछी मैया ने बता दे॥ 7950॥
23छोटो सो कन्हैया गोविंद राधे।
24चल्यो है चरावन गैया बता दे॥ 7951॥