Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 685
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1मुरली मोरपंख गोविंद राधे।
2पीतपट सब फेंक दूँगो बता दे॥ 7928॥
3कामरी ओढ़ि के गोविंद राधे।
4दिन भर लेटो रहूँगो बता दे॥ 7929॥
5तेरी या बाबा की गोविंद राधे।
6गोद में कबहुँ आवूँ न बता दे॥ 7930॥
7फिर भी न माने तो गोविंद राधे।
8दुर्वासा शिष्य बनूँगो बता दे॥ 7931॥
9जान दे जान दे गोविंद राधे।
10तू तो बड़ी अच्छी मैया बता दे॥ 7932॥
11सुनि के कन्हैया की गोविंद राधे।
12बातन को मैया डरपी बता दे॥ 7933॥
13मैया ने कही तू तो गोविंद राधे।
14बड़ो ही हठीलो ह्वै गयो बता दे॥ 7934॥
15अच्छा जा जा जा गोविंद राधे।
16मेरी एक बात गाँठ बाँधि ले बता दे॥ 7935॥
17गैयान लै के तू गोविंद राधे।
18दूर कतहूँ जनि जैयो बता दे॥ 7936॥
19वंशीवट तट गोविंद राधे।
20गैयान्ने चरायो करियो बता दे॥ 7937॥
21मैया ने कहा पुनि गोविंद राधे।
22रहियो कन्हैया संग भैया बता दे॥ 7938॥
23धनसुख आदि ते गोविंद राधे।
24गैयान को हँकवैयो बता दे॥ 7939॥