Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 684
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1वे ही चरावें नित गोविंद राधे।
2गैयान को घेरि लावें बता दे॥ 7916॥
3तेरे मुख देखे बिनु गोविंद राधे।
4एकहूँ पल मोय चैन ना बता दे॥ 7917॥
5हौं तोहिं कबहूँ गोविंद राधे।
6जाने दऊँगी नाँय वन में बता दे॥ 7918॥
7तोहिं जो भावे सो गोविंद राधे।
8माखन मिश्री दूध दही ले बता दे॥ 7919॥
9सखन संग आँगन गोविंद राधे।
10खेल्यो कर नाना खिलौने बता दे॥ 7920॥
11और जो चाहे सो गोविंद राधे।
12तुरत मँगा दूँगी बाबा ते बता दे॥ 7921॥
13बड़े बड़े ग्वाल बाल गोविंद राधे।
14गैया चरावें नित देखे तू बता दे॥ 7922॥
15बोले कन्हैया मैया गोविंद राधे।
16हौं और कछु नाँय लूँगो बता दे॥ 7923॥
17देख मैया मान ले गोविंद राधे।
18हौं तेरे पायन लागूँ बता दे॥ 7924॥
19गैयन लै मोकूँ गोविंद राधे।
20मधुवन जान दे मैया बता दे॥ 7925॥
21जो नाहिं माने तू गोविंद राधे।
22जानि ले मैं कछु खावूँ ना बता दे॥ 7926॥
23पिवूँ नाहिं दूध दही गोविंद राधे।
24सारी रात जागतो रहूँगो बता दे॥ 7927॥