Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 679
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1लाला ने देखा मैया गोविंद राधे।
2स्वेद ते हो गइ लथपथ बता दे॥ 7856॥
3लाला ने बुलाया तब गोविंद राधे।
4चुपकेते दिव्य कृपा शक्ति को बता दे॥ 7857॥
5फिर क्या था लाला तो गोविंद राधे।
6बँध गये ज्यों जग शिशु हों बता दे॥ 7858॥
7वैसे तो श्री कृष्ण गोविंद राधे।
8परम स्वतंत्र हैं वेद बता दे॥ 7859॥
9विधि हरि हर भी हैं गोविंद राधे।
10श्रीकृष्ण के आधीन बता दे॥ 7860॥
11किन्तु भक्तिवश्यता का गोविंद राधे।
12कृष्ण ने दिखा दिया रूप बता दे॥ 7861॥
13लाला को बाँधि मैया गोविंद राधे।
14चली गइ घर कछु काम ते बता दे॥ 7862॥
15ऊखल बँधे कृष्ण गोविंद राधे।
16सोचे उद्धार यमलार्जुन बता दे॥ 7863॥
17नलकूबर मणिग्रीव गोविंद राधे।
18दो थे कुबेर के पुत्र बता दे॥ 7864॥
19नारद के शाप ते गोविंद राधे।
20हो गये थे दोनों वृक्ष बता दे॥ 7865॥
21एक तो कुबेर पुत्र गोविंद राधे।
22दूजे थे शिव अनुचर भी बता दे॥ 7866॥
23याते महान गर्व गोविंद राधे।
24युक्त हो गये थे दोनों बता दे॥ 7867॥