Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 676
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1ग्वालिनी के घर में जा गोविंद राधे।
2बासी नवनि लगे खाने बता दे॥ 7820॥
3लाला का आशय गोविंद राधे।
4मैं हूँ बड़ा भूखा मैया देख ले बता दे॥ 7821॥
5मैया ने उतारा दूध गोविंद राधे।
6पुनि दधि मथने आईं बता दे॥ 7822॥
7वहाँ देखा दही की गोविंद राधे।
8मटुकी फूटी पड़ी हुई है बता दे॥ 7823॥
9मैया ने जान लिया गोविंद राधे।
10यह करतूत है लाला की बता दे॥ 7824॥
11इधर उधर देखा तो गोविंद राधे।
12लाला खड़े उलटे ऊखल बता दे॥ 7825॥
13लाला चौकन्ने थे गोविंद राधे।
14चारों ओर देखते जाते थे बता दे॥ 7826॥
15पीछे ते चुपके ते गोविंद राधे।
16मैया पहुँची ढिग लाला के बता दे॥ 7827॥
17लाला ने देखा मैया गोविंद राधे।
18साँटी लै के आ रही है बता दे॥ 7828॥
19ओखली ते झट लाला गोविंद राधे।
20कूदि परे अरु डरि भागे बता दे॥ 7829॥
21बड़े बड़े योगी भी गोविंद राधे।
22जिनको पकड़ नाहिं पाते बता दे॥ 7830॥
23उन ब्रह्म कृष्ण को ही गोविंद राधे।
24मैया पकड़ने को दौड़ी बता दे॥ 7831॥