Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 671
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1मैया कह चलु इत गोविंद राधे।
2काहे को मैया को पट्टी पढ़ा दे॥ 7760॥
3एक दिन ग्वाल सँग गोविंद राधे।
4नँदलाल खेल खेल रहे थे बता दे॥ 7761॥
5ग्वालों ने मैया ते गोविंद राधे।
6कहा कन्हैया माटी खाय बता दे॥ 7762॥
7छुपि छुपि माटी खाय गोविंद राधे।
8बरजूँ तो आँखि दिखावे बता दे॥ 7763॥
9आजु भी कन्हैया ने गोविंद राधे।
10खाई है माटी मैया बता दे॥ 7764॥
11हितैषिणी मैया ने गोविंद राधे।
12पकरा कर ते कान्ह को बता दे॥ 7765॥
13जेहि भय भयभीत गोविंद राधे।
14भय, सो हुआ भयभीत बता दे॥ 7766॥
15मैया ने कहा क्यों रे गोविंद राधे।
16नटखट माटी खाई बता दे॥ 7767॥
17ग्वाल कह रहे हैं गोविंद राधे।
18बलराम भी कह रहे हैं बता दे॥ 7768॥
19बोले कन्हैया मैया गोविंद राधे।
20मैंने माटी खाई ना बता दे॥ 7769॥
21ये सब झूठे हैं गोविंद राधे।
22पाछे परे मेरे मैया बता दे॥ 7770॥
23यदि तू इनकी ही गोविंद राधे।
24बात को माने साँची बता दे॥ 7771॥