Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 670
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1निज प्रतिबिम्ब लखि गोविंद राधे।
2जानि कोइ और छोरा चोर बता दे॥ 7748॥
3हरि कह सुनु मित्र गोविंद राधे।
4आधा भाग तू भी ले ले माँ को ना बता दे॥ 7749॥
5पाछे खड़ी मैया सब गोविंद राधे।
6देखि सुनि के थी विभोर बता दे॥ 7750॥
7लाला ने देखा पाछे गोविंद राधे।
8कहा मैया लखु छोरा चोर बता दे॥ 7751॥
9मैने जब डाटा याय गोविंद राधे।
10इसने भी वैसे मोहिं डाटा बता दे॥ 7752॥
11आजा पकरु मैया गोविंद राधे।
12ऊखल में याऊ को बँधा दे॥ 7753॥
13मैया ने कहा हँसि गोविंद राधे।
14यह चोर और नाहिं तू ही है बता दे॥ 7754॥
15मैया ने कहा लाला गोविंद राधे।
16चलु भइ बेर तोहिं दूध पिला दे॥ 7755॥
17एक दिन पुनि कान्ह गोविंद राधे।
18निज घर में नवनीत चुरा दे॥ 7756॥
19औचक आई मैया गोविंद राधे।
20पूछे कान्ह कहाँ है करे क्या बता दे॥ 7757॥
21पद्मराग कंकण गोविंद राधे।
22मणि तेज दोउ कर जलन करा दे॥ 7758॥
23याते दोउ कर मैया गोविंद राधे।
24माखन मटुकी में ठंडा करा दे॥ 7759॥