Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 668
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1घर की गायों का गोविंद राधे।
2माखन खा ले अरु सो जा बता दे॥ 7724॥
3इतने में लाला को गोविंद राधे।
4नींद आ गई वे सो गये बता दे॥ 7725॥
5मैया को चैन मिला गोविंद राधे।
6वह गइ घर काम काज को बता दे॥ 7726॥
7ब्रज गोपियाँ भी गोविंद राधे।
8गइँ सब निज निज घर को बता दे॥ 7727॥
9ऐसे ही लाला करें गोविंद राधे।
10बार बार नई नई लीला बता दे॥ 7728॥
11धन्य भाग्य मैया के गोविंद राधे।
12धन्य भाग्य गोपियों के रस लें बता दे॥ 7729॥
13एक बार मैया ने गोविंद राधे।
14लाला को पिलाया दूध छक के बता दे॥ 7730॥
15पुनि निज लाला को गोविंद राधे।
16पलने पै सुलाया थपथपा के बता दे॥ 7731॥
17इतने में गोपियों का गोविंद राधे।
18झुंड आया कान्ह दर्शन को बता दे॥ 7732॥
19लाला पीताम्बर ते गोविंद राधे।
20ढाँपि मुख सोने का अभिनय करा दे॥ 7733॥
21गोपियों ने जाना कान्ह गोविंद राधे।
22नींद में सचमुच सो गया बता दे॥ 7734॥
23तब सब गोपियाँ भी गोविंद राधे।
24एक दूसरे ते लाला गुन गन गा दे॥ 7735॥