Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 662
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1यह सुन लाला चले गोविंद राधे।
2मातु संग प्रतिबिंब चर्चा भुला दे॥ 7652॥
3बिनु पग चले जोई गोविंद राधे।
4वाको मैया पग ते भी चलना सिखा दे॥ 7653॥
5बिनु वाणी वक्ता जोई गोविंद राधे।
6वाको मैया मैया बाबा कहना सिखा दे॥ 7654॥
7श्याम को ही रूप राम गोविंद राधे।
8वाऊ को मैया भैया कहना सिखा दे॥ 7655॥
9जाकी श्वास वेद वाणी गोविंद राधे।
10मैया को अइया कहि मैया को बुला दे॥ 7656॥
11हरि हर कृपा माँगें गोविंद राधे।
12जाकी वाय बार बार यशुदा रु ला दे॥ 7657॥
13ब्रह्म तो है नित्य तृप्त गोविंद राधे।
14भूख प्यास लागे नाहीं वेद बता दे॥ 7658॥
15सोई भूखा प्यासा रोये गोविंद राधे।
16लोटे भू पै कहे मैया दूध पिया दे॥ 7659॥
17विधि हरि हर जाकी गोविंद राधे।
18गोद माँगें वाको मैया गोद ते गिरा दे॥ 7660॥
19भूमि पर लोटे कान्ह गोविन्द राधे।
20कोउ कहु मैया ते गोद में बिठा दे॥ 7661॥
21एक दिन नंदलाल गोविंद राधे।
22मैया की गोद हित मचले बता दे॥ 7662॥
23नन्द घर आँगन गोविंद राधे।
24लगे लोटने अरु रोने बता दे॥ 7663॥