Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 655
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1उसी समय विप्र वर्ग गोविंद राधे।
2लाला को दिये आशिष भी बता दे॥ 7568॥
3यशोदा रानी ने गोविंद राधे।
4सब का किया सत्कार बता दे॥ 7569॥
5अन्न वस्त्र गाय आदि गोविंद राधे।
6मुँहमाँगा दिया दान बता दे॥ 7570॥
7जब स्वस्तिवाचन गोविंद राधे।
8अभिषेक हो गया लाला का बता दे॥ 7571॥
9तब देखा लाला की गोविंद राधे।
10आँखों में आ रही है नींद बता दे॥ 7572॥
11लाला को चिपटाया गोविंद राधे।
12धीरे ते सुला दिया सेज पै बता दे॥ 7573॥
13थोड़ी ही देर में गोविंद राधे।
14लाला की खुल गयी आँख बता दे॥ 7574॥
15लाला लागे रोने गोविंद राधे।
16मैया के दूध के हेतु बता दे॥ 7575॥
17गाने बजाने के गोविंद राधे।
18शोर में मैया ने सुना ना बता दे॥ 7576॥
19तब तो कन्हैया और गोविंद राधे।
20पैर उछालि लगे रोने बता दे॥ 7577॥
21शिशु श्रीकृष्ण एक गोविंद राधे।
22छकड़े के नीचे थे सोये बता दे॥ 7578॥
23लाला के लाल लाल गोविंद राधे।
24नन्हें कोमल चरण थे बता दे॥ 7579॥