Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 646
Reading 144 of 452 · Source nos. 7460–7471 · Source PDF 149
1नन्द के बन्दीजन गोविंद राधे।
2आशीर्वाद देने आये बता दे॥ 7460॥
3दुंदुभी भेरी आदि गोविंद राधे।
4लगे बजने सब बाजने बता दे॥ 7461॥
5सब ब्रजवासी भी गोविंद राधे।
6गावें बधाई नाचें मत्त हो बता दे॥ 7462॥
7सब ब्रजमण्डल गोविंद राधे।
8घर घर सुघर सजाये बता दे॥ 7463॥
9ध्वजा पताका माला गोविंद राधे।
10पल्लवों की बन्दनवार सजा दे॥ 7464॥
11गाय बैल बछड़ों को गोविंद राधे।
12तेल अरु हल्दी का लेप लगा दे॥ 7465॥
13ब्रज के सभी ग्वाल गोविंद राधे।
14सजधज भेंट लै के आये बता दे॥ 7466॥
15नन्द के पुत्र हुआ गोविंद राधे।
16शोर सुनि गोपियाँ विभोर बता दे॥ 7467॥
17सब गोपी सजधज गोविंद राधे।
18नन्द घर आईं भेंट लै लै बता दे॥ 7468॥
19नन्द घर आ आ गोपी गोविंद राधे।
20नन्दलाल को दें आशीष बता दे॥ 7469॥
21लाला चिरजीवी हों गोविंद राधे।
22हरि करें उनकी रक्षा बता दे॥ 7470॥
23पुनि सब गोपी मिलि गोविंद राधे।
24मंगल गान गावें नाचें बता दे॥ 7471॥