Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 642
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1बढ़ना बदलना गोविंद राधे।
2घटना नष्ट हो जाना बता दे॥ 7412॥
3इसकी धातु सात गोविंद राधे।
4वही है वृक्ष की छाल बता दे॥ 7413॥
5रस, रक्त, माँस, मेदा गोविंद राधे।
6अस्थि अरु मज्जा अरु शुक्र बता दे॥ 7414॥
7इसकी शाखा आठ गोविंद राधे।
8पंचभूत, मन, बुद्धि, अहं हैं बता दे॥ 7415॥
9इसकी नव खोडर गोविंद राधे।
10मुख आदि छिद्र शरीर के बता दे॥ 7416॥
11इसके दस पत्ते गोविंद राधे।
12वे दस हैं निम्नलिखित बता दे॥ 7417॥
13प्राण अपान व्यान गोविंद राधे।
14नाग उदान समान कूर्म बता दे॥ 7418॥
15कृकल देवदत्त गोविंद राधे।
16दसवाँ धनंजय पत्ता बता दे॥ 7419॥
17संसार वृक्ष पै गोविंद राधे।
18दो पक्षी जीव ईश्वर बता दे॥ 7420॥
19संसार वृक्ष की गोविंद राधे।
20उत्पत्ति आधार आप हैं बता दे॥ 7421॥
21आप में इसका गोविंद राधे।
22लय भी हो जाता है बता दे॥ 7422॥
23आप ते इसकी गोविंद राधे।
24रक्षा भी होती है बता दे॥ 7423॥