लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 640

Reading 138 of 452 · Source nos. 7388–7399 · Source PDF 143

1कंस भयभीत हो गोविंद राधे।

2सर्वत्र देखे कृष्ण को बता दे॥ 7388॥

3उठते बैठते गोविंद राधे।

4खाते पीते सर्वदा बता दे॥ 7389॥

5सोते जागते गोविंद राधे।

6चलते फिरते कृष्ण ही दिखा दे॥ 7390॥

7रैन दिन छिन छिन गोविंद राधे।

8कंस करे कृष्ण का स्मरण बता दे॥ 7391॥

9जित कूँ देखे कंस गोविंद राधे।

10तित ही दीखें कृष्ण बता दे॥ 7392॥

11सारा जगत ही गोविंद राधे।

12कंस को कृष्णमय हो गया बता दे॥ 7393॥

13उसी समय कारागार गोविंद राधे।

14आये ब्रह्मा शंभु बता दे॥ 7394॥

15उनके साथ थे गोविंद राधे।

16दिव्य देव नारदादि मुनि भी बता दे॥ 7395॥

17सब देव अस्तुति गोविंद राधे।

18करने लगे श्रीकृष्ण की बता दे॥ 7396॥

19आप सत्यसंकल्प गोविंद राधे।

20सत्य की प्राप्ति साधन हैं बता दे॥ 7397॥

21सृष्टि के भी पूर्व गोविंद राधे।

22आप रहें एकमात्र सत्य बता दे॥ 7398॥

23प्रलय के पश्चात् गोविंद राधे।

24आप ही रहेंगे एक सत्य बता दे॥ 7399॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

Source edition and PDF · Text version