Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 639
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1इससे तो मेरी गोविंद राधे।
2होगी बड़ी अपकीर्ति बता दे॥ 7376॥
3देवकी नारी है गोविंद राधे।
4बहिन है पुनि गर्भवती है बता दे॥ 7377॥
5देवकी हत्या ते गोविंद राधे।
6कीर्ति आयु लक्ष्मी नष्ट हो बता दे॥ 7378॥
7देवकी हत्या के गोविंद राधे।
8पश्चात् दे जग गारी बता दे॥ 7379॥
9ऐसी क्रूरता ते गोविंद राधे।
10नरक भी मिलेगा अवशि बता दे॥ 7380॥
11कंस के मन में गोविंद राधे।
12सद्विचार क्यों आया बता दे॥ 7381॥
13जब अनुमान हुआ गोविंद राधे।
14देवकी गर्भ में हैं विष्णु बता दे॥ 7382॥
15तब तो देवकी को गोविंद राधे।
16मार देना था कंस को बता दे॥ 7383॥
17किन्तु गर्भ भीतर गोविंद राधे।
18कृष्ण भगवान बैठे थे बता दे॥ 7384॥
19उन्होंने घुमायी होगी गोविंद राधे।
20चाभी कंस के उर की बता दे॥ 7385॥
21कंस ने सोचा यह गोविंद राधे।
22विष्णु को जन्म लेने दो बता दे॥ 7386॥
23विष्णु को मारूँगा गोविंद राधे।
24वही है मेरा काल बता दे॥ 7387॥