Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 638
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1“कुरु द्विजाति संस्कार” गोविंद राधे।
2भाव राम कृष्ण का जनेऊ करा दे॥ 7364॥
3श्रीकृष्ण द्विज ही थे गोविंद राधे।
4हुआ था द्विजाति संस्कार बता दे॥ 7365॥
5याते कृष्ण वैश्य ही थे गोविंद राधे।
6या क्षत्रिय थे शूद्र ना बता दे॥ 7366॥
7वैसे तो श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
8माता पिता कुल ते परे थे बता दे॥ 7367॥
9दिव्य कृष्ण कर्म दिव्य गोविंद राधे।
10याते कृष्णकर्म सब लीला बता दे॥ 7368॥
11रास आदि रस लीला गोविंद राधे।
12स्वयं भगवान का है कार्य बता दे॥ 7369॥
13देवकी गर्भ में गोविंद राधे।
14स्वयं भगवान ही आये बता दे॥ 7370॥
15देवकी मुख पै गोविंद राधे।
16मधुर मधुर मुसकान थी बता दे॥ 7371॥
17देवकी देह की गोविंद राधे।
18कान्ति फैली कारागार में बता दे॥ 7372॥
19कंस ने देखा जब गोविंद राधे।
20सोचा शत्रु विष्णु आया बता दे॥ 7373॥
21इससे पूर्व कभु गोविंद राधे।
22देवकी कान्ति ऐसी थी ना बता दे॥ 7374॥
23बहन देवकी को गोविंद राधे।
24मारना तो है नाहिं उचित बता दे॥ 7375॥