Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 629
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1एक सुगंधि तो है गोविंद राधे।
2माला बिच तुलसी की बता दे॥ 7270॥
3एक सुगंधि तो है गोविंद राधे।
4वन्य पुष्पमालाओं की बता दे॥ 7271॥
5तुलसी मंदार कुंद गोविंद राधे।
6पारिजात पद्म वनमाला बना दे॥ 7272॥
7एक हरिचन्दन गोविंद राधे।
8कुंकुम कस्तूरी मिश्र बता दे॥ 7273॥
9एक हरिचन्दन गोविंद राधे।
10कुं कुम वन्य पुष्प मिश्र बता दे॥ 7274॥
11एक श्री कृष्ण मुख गोविंद राधे।
12सब ही सुगंधि मिश्रित हैं बता दे॥ 7275॥
13राधा दिव्य तनु में भी गोविंद राधे।
14अष्ट सुगंधि नित निकलें बता दे॥ 7276॥
15साढ़े चौबीस चन्द्र गोविंद राधे।
16कृष्ण एक मुख बिन्दी गाल दो बता दे॥ 7277॥
17आधा भाल बीस नख गोविंद राधे।
18कर पद के मुख प्रमुख बता दे॥ 7278॥
19कृष्ण माधुर्य ऐसा गोविंद राधे।
20लखि वासुदेव को भी क्षोभ करा दे॥ 7279॥
21कृष्ण मुख मधुरता ते गोविंद राधे।
22मधुर है कृष्ण मुख मुसकनि बता दे॥ 7280॥
23मुसकान कृष्ण ऐसी गोविंद राधे।
24आपु भये मोहित आपु मुसका दे॥ 7281॥