Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 628
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1कृष्ण के अंग सब गोविंद राधे।
2भूषण के भी हैं भूषण बता दे॥ 7258॥
3पद्म पंखुड़ियों की गोविंद राधे।
4कोमलता है प्रसिद्ध बता दे॥ 7259॥
5उनकी अनन्त गुनी गोविंद राधे।
6कोमलता रमा पद में बता दे॥ 7260॥
7वाते भी कोमल गोविंद राधे।
8रमा के दोउ कर कमल बता दे॥ 7261॥
9रमा कर तल ते भी गोविंद राधे।
10कोमल कृष्ण के चरण हैं बता दे॥ 7262॥
11विश्व में कहीं भी कोई गोविंद राधे।
12उपमा न कोमलता की बता दे॥ 7263॥
13तनु की मधुरता ते गोविंद राधे।
14मधुर है कृष्ण मुखचन्द्र बता दे॥ 7264॥
15मुख ते मधुर अति गोविंद राधे।
16मुख की है दिव्य सुगंधि बता दे॥ 7265॥
17कृष्ण दिव्य तनु ते तो गोविंद राधे।
18अष्ट सुगंधि नित निकले बता दे॥ 7266॥
19एक सुगंधि तो है गोविंद राधे।
20श्रीकृष्ण दिव्य मुख पद्म की बता दे॥ 7267॥
21एक सुगंधि तो है गोविंद राधे।
22हरिचन्दन तनु लेप बता दे॥ 7268॥
23एक सुगंधि मिश्र गोविंद राधे।
24हरिचन्दन कुंकुम की बता दे॥ 7269॥