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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 627

Reading 125 of 452 · Source nos. 7246–7257 · Source PDF 130

1कृष्ण का प्रति अंग गोविंद राधे।

2सब इन्द्रियों का करे कर्म बता दे॥ 7246॥

3कृष्ण या कृष्ण देह गोविंद राधे।

4दोनों ही हैं एक तत्व बता दे॥ 7247॥

5कृष्ण में देह देही गोविंद राधे।

6गुण गुणी रूप रूपी भेद ना बता दे॥ 7248॥

7कृष्ण में नाम नामी गोविंद राधे।

8लीला अरु लीलाधारी भेद ना बता दे॥ 7249॥

9कृष्ण के माता पिता गोविंद राधे।

10नाम, लीला, वस्तु कृष्ण रूप हैं बता दे॥ 7250॥

11कृष्ण का सब कछु गोविंद राधे।

12श्रीकृष्ण ही हैं सार बता दे॥ 7251॥

13ब्रह्महूँ ते सरस गोविंद राधे।

14आनन्दकंद कृष्णचन्द हैं बता दे॥ 7252॥

15मधुर मधुरहूँ ते गोविंद राधे।

16चपल चपलहूँ ते हरि हैं बता दे॥ 7253॥

17कमला चला है किन्तु गोविंद राधे।

18हरि ढिग जाके भई अचला बता दे॥ 7254॥

19सबते है सुन्दर गोविंद राधे।

20काम, श्याम सौन्दर्य काम को हरा दे॥ 7255॥

21मन्मथ मन मथि गोविंद राधे।

22कृष्ण भये मन्मथ मन्मथ बता दे॥ 7256॥

23काम पराजित गोविंद राधे।

24कृष्णसुत प्रद्युम्न बना था बता दे॥ 7257॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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