Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 624
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1नैऋत कोण में है गोविंद राधे।
2निऋत देव दिक्पाल बता दे॥ 7210॥
3ईशान में शिव गोविंद राधे।
4वायु कोण में है वायु देवता बता दे॥ 7211॥
5ऊपर हैं ब्रह्मा अरु गोविंद राधे।
6नीचे हैं अनंत दिक्पाल बता दे॥ 7212॥
7परव्योम आवरण गोविंद राधे।
8सात हैं देव चौहत्तर बता दे॥ 7213॥
9परव्योम के सब देव गोविंद राधे।
10नित्य दिव्य मायातीत हैं बता दे॥ 7214॥
11ब्रह्म ऐश्वर्य हीन गोविंद राधे।
12आनन्द स्वरूप माधुर्य बता दे॥ 7215॥
13ब्रह्म ते भी मधुर हैं गोविंद राधे।
14वैकुण्ठ पति नारायण बता दे॥ 7216॥
15शान्ति स्वरूप विष्णु गोविंद राधे।
16वैकुण्ठ पति ऐश्वर्य सुधा दे॥ 7217॥
17श्रीकृष्ण का ही रूप गोविंद राधे।
18वैकुण्ठ नाथ महाविष्णु बता दे॥ 7218॥
19“वेवेष्टि इति विष्णुः” गोविंद राधे।
20जो सर्वव्यापक वाय विष्णु बता दे॥ 7219॥
21वैकुण्ठ में तो विष्णु गोविंद राधे।
22लीला अरु परिकर हीन हैं बता दे॥ 7220॥
23वैकुण्ठ जायें योगी गोविंद राधे।
24शान्त भाव वाले भक्त जायें बता दे॥ 7221॥