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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 621

Reading 119 of 452 · Source nos. 7174–7185 · Source PDF 124

1गोलोक परव्योम गोविंद राधे।

2देवी धाम स्वामी है त्र्यधीश बता दे॥ 7174॥

3कृष्ण बलराम एक गोविंद राधे।

4योगमाया एक ब्रह्म को दो बना दे॥ 7175॥

5कृष्ण काँधे कामरि गोविंद राधे।

6हलधर हल मूसल धर काँधे॥ 7176॥

7कृष्ण के अभिन्न रूप गोविंद राधे।

8भगवान शिव शंकर हैं बता दे॥ 7177॥

9दूध की बने दही ज्यों गोविंद राधे।

10ऐसे ही कृष्ण बने शंकर बता दे॥ 7178॥

11दही दूध ते अभिन्न गोविंद राधे।

12वैसे अभिन्न कृष्ण शंकर बता दे॥ 7179॥

13शिव तो हैं पूर्ण ब्रह्म गोविंद राधे।

14“त्र्यम्बकं यजामहे” मंत्र बता दे॥ 7180॥

15शिव तो हैं पूर्ण ब्रह्म गोविंद राधे।

16“नमः शंभवाय” वेद मंत्र बता दे॥ 7181॥

17शिव तो हैं पूर्ण ब्रह्म गोविंद राधे।

18रुद्र अष्ट अध्याय वेद बता दे॥ 7182॥

19श्रीकृष्ण के स्वांश गोविंद राधे।

20अवतार हैं श्री विष्णु बता दे॥ 7183॥

21विष्णु हैं गुणातीत गोविंद राधे।

22दिव्य षडैश्वर्य युक्त बता दे॥ 7184॥

23कृष्ण हैं अंशी अरु गोविंद राधे।

24विष्णु हैं उनके अंश बता दे॥ 7185॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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