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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 620

Reading 118 of 452 · Source nos. 7162–7173 · Source PDF 123

1आत्म विद्या नाम जाको गोविंद राधे।

2संवित् प्रधान शुद्ध सत्व है बता दे॥ 7162॥

3गुह्य विद्या नाम जाको गोविंद राधे।

4ह्लादिनी प्रधान शुद्ध सत्व है बता दे॥ 7163॥

5संधिन्यादि तीनों गोविंद राधे।

6यदि हों प्रधान हरि मूर्ति बता दे॥ 7164॥

7भगवद्विग्रह गोविंद राधे।

8प्रकट कराये शक्ति परा ही बता दे॥ 7165॥

9पुंसु शेते इति गोविंद राधे।

10पुरुष भाव अन्तर्यामी बता दे॥ 7166॥

11पुरुष तो तीन ही हैं गोविंद राधे।

12प्रथम द्वितीय तृतीय बता दे॥ 7167॥

13प्रथम हैं महाविष्णु गोविंद राधे।

14सब ब्रह्माण्ड अन्तर्यामी बता दे॥ 7168॥

15द्वितीय गर्भोदशायी गोविंद राधे।

16एक ब्रह्माण्ड अन्तर्यामी बता दे॥ 7169॥

17तृतीय क्षीरोदशायी गोविंद राधे।

18सब जीवों के अन्तर्यामी बता दे॥ 7170॥

19“स्वयं त्वसाम्य” में तो गोविंद राधे।

20त्र्यधीश का अर्थ गूढ़ बता दे॥ 7171॥

21त्र्यधीश अर्थ एक गोविंद राधे।

22विधि हरि हर का अधीश बता दे॥ 7172॥

23कारणार्णव गर्भोदक गोविंद राधे।

24क्षीरोद अधीश है त्र्यधीश बता दे॥ 7173॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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