Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 619
Reading 117 of 452 · Source nos. 7150–7161 · Source PDF 122
1सदंश संधिनी गोविंद राधे।
2चिदंश संवित् प्रकट करा दे॥ 7150॥
3सर्वश्रेष्ठ आनन्द गोविंद राधे।
4वाते ही ह्लादिनी प्रकट करा दे॥ 7151॥
5संधिनी शक्ति गुण गोविंद राधे।
6संवित् शक्ति में होते बता दे॥ 7152॥
7संधिनी संवित् गोविंद राधे।
8दोनों गुण ह्लादिनी में बता दे॥ 7153॥
9ह्लादिनी सर्वश्रेष्ठ गोविंद राधे।
10उसी की परिणिति प्रेम है बता दे॥ 7154॥
11चित् शक्ति संधिनी ते गोविंद राधे।
12कृष्ण रूप नाम लीला धाम बता दे॥ 7155॥
13चित् शक्ति संवित् ते गोविंद राधे।
14कृष्ण ऐश्वर्य माधुर्य बता दे॥ 7156॥
15कृष्ण संधिनी शक्ति गोविंद राधे।
16धाम भूषण शैया प्रकट करा दे॥ 7157॥
17कृष्ण संधिनी शक्ति गोविंद राधे।
18आसन मित्र दास प्रकट करा दे॥ 7158॥
19कृष्ण संधिनी शक्ति गोविंद राधे।
20ब्रज में माता पिता प्रकट करा दे॥ 7159॥
21कृष्ण संधिनी शक्ति गोविंद राधे।
22अवतार कारण भूता बता दे॥ 7160॥
23आधार शक्ति तो गोविंद राधे।
24संधिनी प्रधान शुद्ध सत्व है बता दे॥ 7161॥