Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 615
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1कर पद सिर नेत्र गोविंद राधे।
2दसों दिशा में कृष्ण के हैं बता दे॥ 7102॥
3ब्रज में दो कर पद गोविंद राधे।
4दो नेत्र एक मुख कृष्ण के बता दे॥ 7103॥
5सगुण भी निर्गुण भी गोविंद राधे।
6निराकार साकार कृष्ण हैं बता दे॥ 7104॥
7कृष्ण सर्वव्यापक गोविंद राधे।
8उनके अनन्त देह प्राभव बता दे॥ 7105॥
9दिव्य तनु नराकृति गोविंद राधे।
10श्रीकृष्ण भगवान ही हैं बता दे॥ 7106॥
11कृष्ण भगवान ही हैं गोविंद राधे।
12यह बिनु माने हो शंका बता दे॥ 7107॥
13नर वपु में भी विभु गोविंद राधे।
14श्रीकृष्ण हैं सर्वव्यापी बता दे॥ 7108॥
15साकार होकर भी गोविंद राधे।
16श्रीकृष्ण हैं सर्व आत्मा बता दे॥ 7109॥
17साकार होकर भी गोविंद राधे।
18श्रीकृष्ण हैं अनंत सर्वग बता दे॥ 7110॥
19पुरुष हो नारी हो गोविंद राधे।
20कृष्ण ते सब हों मोहित बता दे॥ 7111॥
21अन्य की कौन कहे गोविंद राधे।
22स्वयं कृष्ण नारी काम युक्त हों बता दे॥ 7112॥
23श्रीकृष्ण कर्षक गोविंद राधे।
24आपु लखि रूप आपु मोहे बता दे॥ 7113॥