Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 610
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1गीता में परिचय गोविंद राधे।
2कृष्ण का कृष्ण ही ने दिया है बता दे॥ 7042॥
3कृष्ण कह गीता में गोविंद राधे।
4मेरा है जन्म कर्म दिव्य बता दे॥ 7043॥
5मेरा तन चिन्मय गोविंद राधे।
6जो न माने महामूढ़ बता दे॥ 7044॥
7मेरे अवतार में भी गोविंद राधे।
8देखें सब मोहिं किन्तु बुद्धि लगा दे॥ 7045॥
9ऐसे महामूढ़ों को गोविंद राधे।
10आसुरी योनियों में डालूँ मैं बता दे॥ 7046॥
11दो हैं विरोधी धर्म गोविंद राधे।
12श्रीकृष्ण में स्वाभाविक बता दे॥ 7047॥
13महायोगी महाभोगी गोविंद राधे।
14कर्ता भी अकर्ता भी कृष्ण बता दे॥ 7048॥
15भोले भी चतुर भी गोविंद राधे।
16परिच्छिन्न विभु भी हैं कृष्ण बता दे॥ 7049॥
17दृश्य भी अदृश्य भी हैं गोविंद राधे।
18सकाम निष्काम भी हैं बता दे॥ 7050॥
19दीन भी अदीन भी हैं गोविंद राधे।
20स्वतंत्र अधीन भी हैं कृष्ण बता दे॥ 7051॥
21जन्मा भी अजन्मा भी गोविंद राधे।
22प्राप्य अप्राप्य भी हैं कृष्ण बता दे॥ 7052॥
23आत्मा भी कृष्ण गोविंद राधे।
24अनात्मा तत्व भी कृष्ण हैं बता दे॥ 7053॥