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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 609

Reading 107 of 452 · Source nos. 7030–7041 · Source PDF 112

1जड़ अपरा अरु गोविंद राधे।

2चेतन परा उनकी प्रकृति बता दे॥ 7030॥

3जगत के माता पिता गोविंद राधे।

4धाता पितामह ज्ञेय बता दे॥ 7031॥

5गति पति साक्षी प्रभु गोविंद राधे।

6निवास शरण अरु सुहृत बता दे॥ 7032॥

7पवित्र ओंकार गोविंद राधे।

8वेदत्रयी भी वे ही बता दे॥ 7033॥

9प्रलय उत्पत्ति गोविंद राधे।

10सर्वाधार सर्वहेतु बता दे॥ 7034॥

11सत भी असत भी हैं गोविंद राधे।

12सदसत् नहीं भी परे भी बता दे॥ 7035॥

13सारा जग उनके ही गोविंद राधे।

14एक अंश ते ही है व्याप्त बता दे॥ 7036॥

15उनके सिवा कोई गोविंद राधे।

16और भिन्न तत्व कहीं है ना बता दे॥ 7037॥

17परमात्मा रूप गोविंद राधे।

18सब के हृदय में हैं बैठे बता दे॥ 7038॥

19अमृत धर्म शाश्वत गोविंद राधे।

20आनन्द ब्रह्म की प्रतिष्ठा बता दे॥ 7039॥

21व्यक्त पर अव्यक्त गोविंद राधे।

22अव्यक्त ते पर कृष्ण बता दे॥ 7040॥

23क्षर ते पर अक्षर गोविंद राधे।

24अक्षर पर पुरुषोत्तम बता दे॥ 7041॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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