Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 606
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1विविध भाषावित गोविंद राधे।
2सत्य वाक्य प्रिय वाक्य वक्ता बता दे॥ 6994॥
3बावदूक पण्डित गोविंद राधे।
4बुद्धिमान प्रतिभावान बता दे॥ 6995॥
5चौंसठ विद्यावित गोविंद राधे।
6चतुर दक्ष कृतज्ञ बता दे॥ 6996॥
7दृढ़व्रत शुचि वशी गोविंद राधे।
8देश काल पात्रज्ञ दान्त बता दे॥ 6997॥
9शास्त्रचक्षु क्षमाशील गोविंद राधे।
10स्थिर गंभीर धृतिमान बता दे॥ 6998॥
11सम दानवीर शूर गोविंद राधे।
12धार्मिक करुण धन्य मानकृत् बता दे॥ 6999॥
13दक्षिण विनयी अरु गोविंद राधे।
14शरणागतपालक प्रतापी बता दे॥ 7000॥
15भक्तसुहृत प्रेमवश्य गोविंद राधे।
16सुखी कीर्तिमान सर्वशुभकर बता दे॥ 7001॥
17नारीमनहारी ह्रीमान् गोविंद राधे।
18रक्त लोक साधु समाश्रय बता दे॥ 7002॥
19सर्वाराध्य ईश्वर गोविंद राधे।
20समृद्धिमान वरीयान बता दे॥ 7003॥
21पाँच गुण कृष्ण में गोविंद राधे।
22पूर्ण शिवादि में हैं आंशिक बता दे॥ 7004॥
23सदा स्वरूप प्राप्त गोविंद राधे।
24सर्वज्ञ अरु नित्य नव हैं बता दे॥ 7005॥