Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 604
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1नित्य प्राप्त श्रीकृष्ण गोविंद राधे।
2कण्ठचामीकरवत हैं बता दे॥ 6970॥
3मेरी साधना हैं कृष्ण गोविंद राधे।
4मेरे साध्य भी हैं कृष्ण सब को बता दे॥ 6971॥
5आत्माराम पूर्णकाम गोविंद राधे।
6श्रीकृष्ण भक्ति क्यों करते हैं बता दे॥ 6972॥
7आत्मारामकर्षक गोविंद राधे।
8श्रीकृष्ण में हैं ऐसे गुण ही बता दे॥ 6973॥
9कौन है परम देव गोविंद राधे।
10जाते हो भयभीत भय भी बता दे॥ 6974॥
11कृष्ण हैं परमदेव गोविंद राधे।
12कृष्ण ही ते भयभीत भय हो बता दे॥ 6975॥
13कौन तत्व जानने पै गोविंद राधे।
14सब तत्वज्ञान हो जाता है बता दे॥ 6976॥
15कृष्ण तत्व जानने पै गोविंद राधे।
16सब तत्त्वज्ञान हो जाता है बता दे॥ 6977॥
17कृष्ण तत्व जानो मानो गोविंद राधे।
18कृष्ण तत्वज्ञान कृष्ण प्रेम करा दे॥ 6978॥
19“रस्यते इति रसः” गोविंद राधे।
20ब्रह्म श्रीकृष्ण रस रूप हैं बता दे॥ 6979॥
21“रसयति इति रसः” गोविंद राधे।
22दूसरों को रस देते हैं बता दे॥ 6980॥
23रस इक स्वरूपानंद गोविंद राधे।
24दूजा है स्वरूपशक्त्यानन्द बता दे॥ 6981॥