Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 602
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1पंचाशत् ईश्वरीय गोविंद राधे।
2गुण सम्पन्न हैं कृष्ण बता दे॥ 6946॥
3नित्य नूतन तनु गोविंद राधे।
4सदा स्वरूप सम्प्राप्त बता दे॥ 6947॥
5धर्म संस्थापक गोविंद राधे।
6सच्चिदानन्द तनु कृष्ण का बता दे॥ 6948॥
7आदर्श कर्मयोगी गोविंद राधे।
8सब सिद्धियों ते हैं सेव्य बता दे॥ 6949॥
9गीतोपदेशक गोविंद राधे।
10हतारिगतिदायक भी बता दे॥ 6950॥
11प्रेमानन्दरसमय गोविंद राधे।
12असुरोद्धारक कृष्ण हैं बता दे॥ 6951॥
13अनन्त सौन्दर्य गोविंद राधे।
14माधुर्य युक्त श्री कृष्ण हैं बता दे॥ 6952॥
15दास्य सख्य वात्सल्य गोविंद राधे।
16माधुर्य भाव सेव्य कृष्ण हैं बता दे॥ 6953॥
17नेति नेति श्रुति अर्थ गोविंद राधे।
18इतना ही नहीं गुण अमित बता दे॥ 6954॥
19अद्वय ज्ञानतत्व गोविंद राधे।
20भेदत्रयशून्य श्रीकृष्ण बता दे॥ 6955॥
21सजातीय भेदशून्य गोविंद राधे।
22विष्णु आदि आधार कृष्ण बता दे॥ 6956॥
23विजातीय भेदशून्य गोविंद राधे।
24जड़ जग आधार कृ ष्ण हैं बता दे॥ 6957॥