Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 597
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1बाइसवाँ तो है गोविंद राधे।
2अवतार कल्कि कलि अन्त में बता दे॥ 6886॥
3कोई कह तेइसवाँ गोविंद राधे।
4अवतार है हंस रूप का बता दे॥ 6887॥
5कोई कह चौबिसवाँ गोविंद राधे।
6अवतार है हयग्रीव का बता दे॥ 6888॥
7अवतार तो असंख्य गोविंद राधे।
8जिसको जो भावे सो मान ले बता दे॥ 6889॥
9दस अवतार मुख्य गोविंद राधे।
10मीन कच्छप वराह नृसिंह बता दे॥ 6890॥
11वामन परशुराम गोविंद राधे।
12राम बलराम बुद्ध कल्कि बता दे॥ 6891॥
13सब अवतार मधुर गोविंद राधे।
14कृष्ण लीला मधुरातिमधुर बता दे॥ 6892॥
15प्रेम साजात्य में हो गोविंद राधे।
16वैजात्य में प्रेम हो ना बता दे॥ 6893॥
17रूपादि हीन ब्रह्म गोविंद राधे।
18विजातीय है प्रेम कैसे हो बता दे॥ 6894॥
19यद्यपि नृसिंह आदि गोविंद राधे।
20साकार अवतार हुए हैं बता दे॥ 6895॥
21विराट ऐश्वर्य गोविंद राधे।
22लखि उनते भी प्रेम हुआ ना बता दे॥ 6896॥
23पुनि बनि आये हरि गोविंद राधे।
24रूप चतुर्भुज विष्णु बता दे॥ 6897॥