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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 596

Reading 94 of 452 · Source nos. 6874–6885 · Source PDF 99

1नवाँ है अवतार गोविंद राधे।

2पृथु स्वरूप भगवान का बता दे॥ 6874॥

3दसवाँ है अवतार गोविंद राधे।

4मत्स्य स्वरूप भगवान का बता दे॥ 6875॥

5ग्यारहवाँ तो है गोविंद राधे।

6कच्छप का अवतार बता दे॥ 6876॥

7बारहवाँ तो है गोविंद राधे।

8धन्वंतरि अवतार बता दे॥ 6877॥

9तेरहवाँ तो है गोविंद राधे।

10मोहिनी रूप अवतार बता दे॥ 6878॥

11चौदहवाँ तो है गोविंद राधे।

12अवतार नरसिंह रूप बता दे॥ 6879॥

13पंद्रहवाँ तो है गोविंद राधे।

14अवतार वामन रूप बता दे॥ 6880॥

15सोलहवाँ तो है गोविंद राधे।

16अवतार परशुराम रूप बता दे॥ 6881॥

17सत्रहवाँ तो है गोविंद राधे।

18अवतार श्री रामचन्द्र का बता दे॥ 6882॥

19अठारहवाँ तो है गोविंद राधे।

20अवतार वेदव्यास का बता दे॥ 6883॥

21उन्नीसवाँ राम गोविंद राधे।

22बीसवाँ श्याम अवतार बता दे॥ 6884॥

23इक्कीसवाँ तो है गोविंद राधे।

24बुद्धावतार कलिकाल में बता दे॥ 6885॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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