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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

अवतार · पृष्ठ 593

Reading 91 of 452 · Source nos. 6838–6849 · Source PDF 96

1बुद्ध और कल्कि दोनों गोविंद राधे।

2हैं देह देही भेद बता दे॥ 6838॥

3बुद्ध कल्कि जीव हैं गोविंद राधे।

4उनमें हुआ आवेश बता दे॥ 6839॥

5मन्वंतरावतार गोविंद राधे।

6संख्या नहीं है असंख्य बता दे॥ 6840॥

7ब्रह्मा का एक दिन गोविंद राधे।

8देवों की हो पूरी आयु बता दे॥ 6841॥

9ब्रह्मा के एक दिन में गोविंद राधे।

10चौदह मन्वंतरावतार हों बता दे॥ 6842॥

11ब्रह्मा के मास में तो गोविंद राधे।

12चार सौ बीस अवतार हों बता दे॥ 6843॥

13ब्रह्मा के वर्ष में तो गोविंद राधे।

14अवतार पाँच हजार चालिस बता दे॥ 6844॥

15ब्रह्मा की आयु में तो गोविंद राधे।

16पाँच लाख चार हजार बार हो बता दे॥ 6845॥

17ब्रह्मा अनन्त क्योंकि गोविंद राधे।

18ब्रह्माण्ड भी हैं अनन्त बता दे॥ 6846॥

19महाविष्णु एक श्वास गोविंद राधे।

20सम ब्रह्मा की है आयु बता दे॥ 6847॥

21चारों युगों में कृष्ण गोविंद राधे।

22चार वर्णों ते हों प्रकट बता दे॥ 6848॥

23सतयुग में शुक्ल वर्ण गोविंद राधे।

24त्रेता में हो रक्त वर्ण बता दे॥ 6849॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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