Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 589
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1योगियों को परतत्व गोविंद राधे।
2लगे श्याम यह शान्त रस है बता दे॥ 6790॥
3यादवों को परदेव गोविंद राधे।
4लगे श्याम यह भक्ति रस है बता दे॥ 6791॥
5भावुक भक्त हित गोविंद राधे।
6हरि हैं मूर्तिमान रस ही बता दे॥ 6792॥
7अज्ञानी जन हित गोविंद राधे।
8वे ही हरि साक्षात् यम हैं बता दे॥ 6793॥
9हरि हरि तनु एक गोविंद राधे।
10देह अरु देही का भेद ना बता दे॥ 6794॥
11नर जन्म में है बाल्य गोविंद राधे।
12पौगण्ड युवा वृद्धावस्था बता दे॥ 6795॥
13हरि जन्म तो है दिव्य गोविंद राधे।
14बाल्य पौगण्ड सोलह वर्ष बता दे॥ 6796॥
15बाल्य अरु पौगण्ड गोविंद राधे।
16पाँच अरु दस वर्ष की है बता दे॥ 6797॥
17कृष्ण कैशोर धर्मी गोविंद राधे।
18बाल्य पौगंड तनु धर्म बता दे॥ 6798॥
19हरि अवतार हेतु गोविंद राधे।
20एक दो चार नहिं अगणित बता दे॥ 6799॥
21एक अवतार हेतु गोविंद राधे।
22नीरस ज्ञानी को सरस बना दे॥ 6800॥
23परमहंसों को भी गोविंद राधे।
24प्रेम दान अवतार हेतु बता दे॥ 6801॥