Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 587
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1हरि की ही लीला शक्ति गोविंद राधे।
2हरि देह सच्चिदानन्द बना दे॥ 6766॥
3प्राकृत जगत में गोविंद राधे।
4हरि उतरे अवतार बता दे॥ 6767॥
5जीव ब्रह्म जन्म भेद गोविंद राधे।
6इक प्राकृत इक दिव्य बता दे॥ 6768॥
7जीव जन्म कर्मवश गोविंद राधे।
8ब्रह्म जन्म स्वेच्छा ते होता है बता दे॥ 6769॥
9जीव देह मायिक गोविंद राधे।
10ब्रह्म देह चिदानन्दमय है बता दे॥ 6770॥
11वामन पुराण कह गोविंद राधे।
12हरि देह चिन्मय दिव्य बता दे॥ 6771॥
13पद्म पुराण में तो गोविंद राधे।
14कृष्ण ने शिव ते कहा है बता दे॥ 6772॥
15मेरा अलौकिक रूप गोविंद राधे।
16सच्चिदानन्द उपनिषत बता दे॥ 6773॥
17निराकार निर्गुण गोविंद राधे।
18निष्क्रिय अरु सर्वव्यापी बता दे॥ 6774॥
19प्राकृत गुणहीन गोविंद राधे।
20याते वेद मोको निर्गुण ही बता दे॥ 6775॥
21चर्म चक्षु ते अदृश्य गोविंद राधे।
22याते वेद मोको निराकार बता दे॥ 6776॥
23विश्व स्रष्टा ब्रह्मादिक गोविंद राधे।
24याते वेद मोको निष्क्रिय भी बता दे॥ 6777॥