Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
अवतार · पृष्ठ 585
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2जन्म शब्द का अर्थ गोविंद राधे।
3प्रादुर्भाव ही है सब को बता दे॥ 6748॥
4“ते ब्रह्मलोकेषु” गोविंद राधे।
5मंत्र हरिलोक अनंत बता दे॥ 6749॥
6हरि अवतारों के गोविंद राधे।
7लोक हैं दिव्य अनन्त बता दे॥ 6750॥
8“द्वे वाव ब्रह्मणो” मंत्र गोविंद राधे।
9ब्रह्म निराकार साकार बता दे॥ 6751॥
10शैत्य संबंध ते गोविंद राधे।
11जल बन जाता है बर्फ बता दे॥ 6752॥
12ऐसे ही विशुद्ध सत्व गोविंद राधे।
13निराकार को साकार बना दे॥ 6753॥