Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 576
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1राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
2रसना ले रस किन्तु रस ना बता दे॥ 6641॥
3राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
4रसरूप ब्रह्म को भी प्यासा बना दे॥ 6642॥
5राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
6हरि भाजे आवें कहें फिर ते सुना दे॥ 6643॥
7राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
8बज्र ते कठोर उर को पिघला दे॥ 6644॥
9राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
10छलबलिया का छल धूल में मिला दे॥ 6645॥
11राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
12श्याम रोम रोम राधे राधे सुना दे॥ 6646॥
13राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
14आके कहें हरि तोहिं भुक्ति मुक्ति का दे॥ 6647॥
15राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
16हरि आके आपु बिनु हेतु कृपा दे॥ 6648॥
17राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
18वक्ता केपाछे पाछे हरि को फिरा दे॥ 6649॥
19राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
20वेद भी अनिर्वचनीय बता दे॥ 6650॥
21राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
22गूँगे का रसगुल्ला स्वाद ज्यों बता दे॥ 6651॥
23राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
24हरि को भी न पता और को बता दे॥ 6652॥