Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 575
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1राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
2नामी को आने को विवश करा दे॥ 6629॥
3राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
4जैसा रस था न है न होगा बता दे॥ 6630॥
5राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
6बिनु योग साधे समाधि दिला दे॥ 6631॥
7राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
8ब्रह्म भी स्वरूपानन्द भुला दे॥ 6632॥
9राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
10जितना पिओ प्यास अधिक बढ़ा दे॥ 6633॥
11राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
12समदर्शी को भी रसिक बना दे॥ 6634॥
13राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
14तीन देह रहित को देह दिला दे॥ 6635॥
15राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
16पंच क्लेश रहित को रोना सिखा दे॥ 6636॥
17राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
18वैकुण्ठ रस को भी खारा बना दे॥ 6637॥
19राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
20रसना कहे ऐसा रस ना बता दे॥ 6638॥
21राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
22हरि को बुलाना हो तो राधे राधे गा दे॥ 6639॥
23राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
24पूर्ण काम को भी रस कामी बना दे॥ 6640॥