Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 577
Reading 75 of 452 · Source nos. 6653–6664 · Source PDF 80
1राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
2राधे जू को भी ना पता है जो बता दे॥ 6653॥
3राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
4जो भी पिये कहे पुनि और पिला दे॥ 6654॥
5राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
6तृप्ति भी हो साथ ही प्यास भी बढ़ा दे॥ 6655॥
7राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
8मुक्त को भी है अप्राप्य बता दे॥ 6656॥
9राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
10बिनु ही पिये मतवाला बना दे॥ 6657॥
11राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
12सुनतहिं मन मदमत्त करा दे॥ 6658॥
13राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
14जो भी सुने चाहे बार बार सुना दे॥ 6659॥
15राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
16मुक्ति सुधा को भी फीकी बना दे॥ 6660॥
17राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
18विष्णु आदि नाम सुनि मुँह बिचका दे॥ 6661॥
19राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
20रसिक कहें कोटि रसना दिला दे॥ 6662॥
21राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
22सुनि ब्रह्म श्याम सुधि बुधि बिसरा दे॥ 6663॥
23राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे।
24जापै कोटि कोटि ब्रह्मानन्द लुटा दे॥ 6664॥