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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

श्री राधा नाम महिमा · पृष्ठ 572

Reading 70 of 452 · Source nos. 6593–6604 · Source PDF 75

1धाम मेरा बरसानो गोविंद राधे।

2ठकुरानी मेरी राधारानी बता दे॥ 6593॥

3चलु मन बरसानो गोविंद राधे।

4तहँ सखि महल की टहल दिला दे॥ 6594॥

5चलु मन बरसानो गोविंद राधे।

6तहँ राधे रानी नाम गुन गन गा दे॥ 6595॥

7साँस खीँचो “रा” कहु गोविंद राधे।

8साँस छोड़ो “धे” का अभ्यास करा दे॥ 6596॥

9खाते पीते चलते फिरते गोविंद राधे।

10राधे नाम जनि भूलो पल छिन आधे॥ 6597॥

11राधे नाम सूर्य सम गोविंद राधे।

12कर्म, योग, ज्ञान दीपक हैं बता दे॥ 6598॥

13राधे राधे गर्जन गोविंद राधे।

14सब को डराने वाले डर को डरा दे॥ 6599॥

15राधे राधे बोल सुनि गोविंद राधे।

16काल भी आके आगे सिर को झुका दे॥ 6600॥

17राधे नाम सुनि श्याम गोविंद राधे।

18खाते खाते भाजें मुख धोना भुला दे॥ 6601॥

19राधे नाम सुनि श्याम गोविंद राधे।

20भाजे भाजे आवें कल नहिं पल आधे॥ 6602॥

21पी ले राधे नाम नित गोविंद राधे।

22ही ले धरि राधे रूप प्रेम अगाधे॥ 6603॥

23माया ते न डरु मन गोविंद राधे।

24राधे राधे बोल बोल माया को डरा दे॥ 6604॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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